Friday, August 8, 2008

हम भारत के लोग ..........

मेरे लोग कुछ अपने लोग
कुछ दमदार लोग, कुछ वफ़ा दार लोग
कुछ दार्शनिक लोग , कुछ क्रांतकारी लोग
कुछ नरमपंथी लोग , कुछ चरमपंथी लोग

कुछ देश मै लुटते लोग , कुछ भूख से मरते लोग
कुछ गंदगी मै घुटते लोग , कुछ आपसमै लड़ते लोग

कुछ देश के नेता लोग , कुछ देश पर शहीद लोग
कुछ देश पर निशार लोग , कुछ देश के गद्दार लोग

कुछ इन्हे देखते लोग, कुछ इन्हे जानते लोग
कुछ इन्हे पूजते लोग , कुछ इन्हे मारते लोग

फ़िर भी हम सब अपने लोग
हम स्वंतंत्र भारत के लोग

1 comments:

callme9 said...

good thought. Clear, concise and specific.

Good job Ambrish. Your poem embodies India.