जीत का जश्न और देश प्रेम

हमारे देश के ग्यारह खिलाडियों की एक टीम ने पहले पाकिस्तान की टीम को हरा कर विश्व कप का सेमी फ़ाइनल जीता फिर श्री लंका को हरा कर विश्व कप का फ़ाइनल जीता, पूरा देश खुश था हर तरफ शोर था , ये जीत और देश प्रेम के कारन था, पर क्या सिर्फ यही है हमारा देश प्रेम की क्रिकेट का मेच जीता और लगे मानाने जश्न देश प्रेम के नाम पर मेरी नजर मे तो देश प्रेम का मतलब है समय से टेक्स देना , देश की सम्पदा को नुकशान न पहुचाना, देश वासियों की मदद करना, संविधान का पालन करना, अपने नगर और शहर मे कानून व्यवस्था बनाये रखना, नियमो का पालन करना, नियमो को अपने अनुशार न प्रयोग करना ये ही देश प्रेम है, जो आज सबसे ज्यादा जरुरी है आज हर व्यापारी अपने सामान की कीमते दुगनी करने मे लगा है, हर भारत वासी अपना फायदा सोच रहा है, लोग जश्न के नाम पर लाखो करोडो रुपये खर्च कर देते है पर वास्तविक गरीब जनता को देख कर भी अनदेखा कर देते है सर्कार को लगता है देश के एस-टी , एस - सी , ओ - बी - सी ही गरीब है उनको रिसर्वस दे दो गरीबी ख़तम और वो ये पिछले ६० सालो से कर रही है पर क्या गरीबी ख़तम हुयी नहीं, वल्कि जो ठीक से जी रहे है उनको भी रिसर्वेसन का चस्का लग गया है क्युकी इसके माध्यम से कम म्हणत मे अच्छी नौकरी मिल जाती है और उसके लिए वो देश की संपत्ति को नुकशान पंहुचा रहे है देश की आम जनता को परेशां कर रहे है और क्रिकेट के मेच जीतने पर देश प्रेम के नाम पर रात को १२ बजे ढोल बजा कर देश प्रेम प्रकट कर रहे है आज ऐसे देश प्रेम के साथ साथ दैनिक देश प्रेम की भी जरुरत है तभी तो हर तरफ खुशहाली होगी जय हिंद

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